पश्चिम बंगाल का विशाल इस्तमा बना मिसाल: हिंदू दुकानदारों ने दिखाया भाईचारे का असली भारत
पश्चिम बंगाल में आयोजित हो रहे विशाल इस्तमा (धार्मिक सभा) ने एक बार फिर भारत की असली पहचान—एकता और भाईचारे—को दुनिया के सामने पेश किया है। जहाँ एक तरफ देश में अक्सर सांप्रदायिक तनाव और दंगों की खबरें सुर्खियां बनती हैं, वहीं इस धार्मिक आयोजन ने उन धारणाओं को पूरी तरह से गलत साबित कर दिया है।
भाईचारे की मिसाल बना इस्तमा
इस्तमा के आयोजन स्थल के बाहर का नज़ारा बेहद खास और प्रेरणादायक है। यहाँ बड़ी संख्या में हिंदू दुकानदार अपनी दुकानें लगाकर व्यापार कर रहे हैं। फूल, टोपी, इत्र, खाने-पीने की चीजें और अन्य आवश्यक सामान बेचते ये व्यापारी न केवल अपनी रोज़ी-रोटी कमा रहे हैं, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द का जीवंत उदाहरण भी पेश कर रहे हैं।
व्यापार और विश्वास का संगम
मुस्लिम समुदाय के हजारों-लाखों लोग इस धार्मिक सभा में शामिल होने के लिए आते हैं, जिससे स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलता है। इस मौके का फायदा उठाते हुए हिंदू व्यापारी बिना किसी डर या असुरक्षा के अपना व्यापार कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि विश्वास और आपसी समझ किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होती है।





