1 अप्रैल 2026 से सैलरी में बड़ा बदलाव: इनहैंड घटेगी, PF-ग्रेज्युटी बढ़ेगी

1 अप्रैल 2026 से देश में नया लेबर कोड और इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू होने जा रहा है। इसके लागू होते ही प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर पूरी तरह बदल जाएगी। इसका सीधा असर आपकी इनहैंड सैलरी (Take Home Salary), PF, ग्रेज्युटी और टैक्स पर पड़ेगा।
क्या है नया लेबर कोड?
सरकार ने 29 पुराने श्रम कानूनों को मिलाकर 4 नए लेबर कोड बनाए हैं, जिनमें कोड ऑन वेजेज (2019), इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड (2020), सोशल सिक्योरिटी कोड (2020) और OSHWC कोड (2020) शामिल हैं। इनका उद्देश्य सैलरी स्ट्रक्चर को पारदर्शी बनाना और कर्मचारियों को अधिक सुरक्षा प्रदान करना है।
बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव
नए नियमों के अनुसार अब आपकी कुल CTC का कम से कम 50% हिस्सा बेसिक सैलरी होना जरूरी होगा। इसके साथ ही अलाउंस को 50% से ज्यादा नहीं रखा जा सकेगा। पहले कंपनियां बेसिक सैलरी कम रखकर अलाउंस ज्यादा दिखाती थीं, जिससे कर्मचारियों की टेक होम सैलरी ज्यादा होती थी।
क्यों घट सकती है आपकी इनहैंड सैलरी?
जब बेसिक सैलरी बढ़ेगी तो उसी आधार पर PF और ग्रेज्युटी की गणना भी बढ़ जाएगी। इसका मतलब है कि आपकी सैलरी से कटौती ज्यादा होगी और आपको मिलने वाली इनहैंड सैलरी कम हो सकती है। उदाहरण के तौर पर, अगर पहले आपकी CTC ₹50,000 थी और बेसिक ₹10,000 था, तो अब यह बढ़कर ₹25,000 हो जाएगा, जिससे PF और ग्रेज्युटी की कटौती भी बढ़ जाएगी।






