सदन में श्रवण कुमार का ‘चुटीला’ प्रहार: ठहाकों से गूंजी विधानसभा
राज्य विधानसभा में उस समय माहौल हल्का लेकिन राजनीतिक रूप से तीखा हो गया जब कांग्रेस विधायक Shravan Kumar ने अपने चुटीले अंदाज में संसदीय मंत्री पर तंज कस दिया। उन्होंने कहा, “संसदीय मंत्री से ज्यादा प्यार है…”— इस टिप्पणी के बाद सदन ठहाकों से गूंज उठा।
उनका यह बयान केवल हंसी-मजाक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके पीछे छिपे राजनीतिक संकेतों ने सत्ता और विपक्ष के बीच नई बहस छेड़ दी।
‘बाबाओं’ और ‘दिलावर’ पर भी साधा निशाना
बहस के दौरान श्रवण कुमार ने कथित ‘बाबाओं’ के मुद्दे को उठाते हुए सरकार पर परोक्ष रूप से हमला बोला। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के नाम पर हो रहे दुरुपयोग पर सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
साथ ही, उन्होंने ‘दिलावर’ मामले का जिक्र करते हुए प्रशासनिक कार्रवाई और जवाबदेही पर भी सवाल उठाए। उनके इन बयानों को विपक्ष ने समर्थन दिया, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे राजनीतिक नौटंकी बताया।
“रोटी गूगल से डाउनलोड नहीं हो सकती” — डिजिटल युग पर कटाक्ष
डिजिटल इंडिया और तकनीकी विकास की चर्चा के बीच श्रवण कुमार का यह बयान खासा चर्चित रहा: “जमाना कितना ही डिजिटल हो जाए, रोटी गूगल से डाउनलोड नहीं हो सकती।”
यह टिप्पणी सीधे तौर पर आम जनता की मूलभूत जरूरतों—रोजगार, महंगाई और खाद्य सुरक्षा—की ओर इशारा करती है। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति महत्वपूर्ण है, लेकिन जब तक आम आदमी की थाली सुरक्षित नहीं होगी, तब तक विकास अधूरा रहेगा।




