अजमेर में ‘शक्ति प्रदर्शन’ या आंकड़ों का मायाजाल: कांग्रेस को बताया ‘MMC’
राजस्थान के अजमेर में 28 फरवरी को होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा से पहले सियासत गर्म हो गई है। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी इस रैली को राजस्थान की राजनीति में बड़ा शक्ति प्रदर्शन बता रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और विपक्षी दल इसे “आंकड़ों का मायाजाल” कहकर सवाल उठा रहे हैं।
रैली से पहले सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो ने विवाद को और हवा दे दी है। इस वीडियो में कथित तौर पर एक महिला इंटर्न रैली में जाने से मना करती दिखाई दे रही है और उसे भत्ता रोकने की धमकी दिए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
रैली से पहले विवाद: इंटर्न को धमकी देने का आरोप
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को राजस्थान के चौमूं इलाके का बताया जा रहा है और इसे कृषि विभाग से जुड़ा माना जा रहा है।
वीडियो में महिला इंटर्न यह कहते हुए सुनी जा सकती है: “मैं मोदीजी की रैली में क्यों जाऊं? मुझे नोटिफिकेशन दिखाओ। अगर मैं भीड़ में जाऊंगी तभी आप साइन करके देंगे। कह रहे हैं कि 28 तारीख को अजमेर जाना है। अगर नहीं जाऊंगी तो फॉर्म में साइन नहीं करेंगे।”
कथित तौर पर अधिकारियों ने इंटर्न से कहा कि यदि वह रैली में नहीं जाती है तो उसे Absent दिखाकर उसका भत्ता रोक दिया जाएगा। इस वीडियो को कांग्रेस नेताओं ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया है और आरोप लगाया है कि भाजपा प्रशासनिक तंत्र के जरिए रैली में भीड़ जुटाने की कोशिश कर रही है। हालांकि सरकार या प्रशासन की ओर से इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।




