साइबर ठगी पर उपभोक्ता आयोग सख्त: SBI को 45 दिनों में लौटाने होंगे ₹1.48 लाख

डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते दौर में साइबर ठगी के मामलों को लेकर अदालतें और उपभोक्ता आयोग सख्त रुख अपनाते दिख रहे हैं। झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक अहम फैसला सुनाते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की सदर बाजार शाखा को बड़ा झटका दिया है।
आयोग ने बैंक को आदेश दिया है कि वह शिकायतकर्ता के खाते से अवैध रूप से निकाले गए 1 लाख 48 हजार रुपये 45 दिनों के भीतर वापस करे। इसके साथ ही मानसिक उत्पीड़न और वाद व्यय के रूप में कुल 35 हजार रुपये अतिरिक्त भुगतान करने का निर्देश भी दिया गया है।
क्या है पूरा मामला
मंझारी थाना क्षेत्र के ग्राम बानाहामतु की निवासी आशा तियू का बचत खाता एसबीआई की सदर बाजार शाखा, चाईबासा में है।
शिकायत के अनुसार 22 और 23 जून 2024 को उनके बैंक खाते से दो अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से बिना उनकी जानकारी और अनुमति के कुल 1,48,000 रुपये निकाल लिए गए।
पहली निकासी: ₹1,00,000,
दूसरी निकासी: ₹48,000,
इन दोनों लेनदेन की जानकारी आशा तियू को बाद में मिली, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा।
बैंक को दी सूचना, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही 24 जून 2024 को आशा तियू ने: बैंक शाखा को लिखित शिकायत दी, चक्रधरपुर थाना में एफआईआर दर्ज कराई, राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की, इसके बावजूद शिकायतकर्ता का आरोप है कि बैंक की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई और न ही उनकी राशि वापस की गई। इस कारण उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक तनाव और परेशानी का सामना करना पड़ा।








