दलाल स्ट्रीट पर सन्नाटा: 31 मार्च को क्यों थमी रही शेयर बाजार की धड़कन?

31 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में पूरी तरह सन्नाटा देखने को मिला। National Stock Exchange (NSE) और Bombay Stock Exchange (BSE) पर इक्विटी, डेरिवेटिव्स और करेंसी सेगमेंट में कारोबार पूरी तरह बंद रहा।
इसका मुख्य कारण महावीर जयंती का अवकाश है, जिसके चलते आज आधिकारिक रूप से ‘नो ट्रेडिंग डे’ घोषित किया गया था।
क्या यह सिर्फ ईयर-एंड क्लोजिंग है?
कई निवेशकों के मन में यह सवाल है कि क्या बाजार वित्तीय वर्ष के अंत (Financial Year 2025-26) के कारण बंद रहा?
इसका जवाब है — नहीं,
हालांकि 31 मार्च वित्तीय वर्ष का आखिरी दिन जरूर है, लेकिन बाजार बंद रहने का कारण ईयर-एंड क्लोजिंग नहीं बल्कि घोषित छुट्टी है।
वित्तीय वर्ष का असर: क्या बदला?
भले ही ट्रेडिंग बंद रही हो, लेकिन वित्तीय गणित पर इसका असर साफ दिखता है:
Year-End Closing: बैंक और सरकारी संस्थाएं खातों के बैलेंस और ऑडिट में व्यस्त,
Settlement Holiday: इस दिन क्लियरिंग और सेटलमेंट प्रक्रिया भी प्रभावित,
ट्रेड सेटलमेंट में देरी: 30 मार्च को किए गए ट्रेड्स का सेटलमेंट अब आगे खिसक जाएगा |









