सोना-चांदी में ऐतिहासिक गिरावट: 40 साल में सबसे बड़ा क्रैश

23 मार्च 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों दोनों को चौंका दिया। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 24 कैरेट सोना सुबह ₹1.35 लाख प्रति 10 ग्राम पर खुला और दिन के अंत में लगभग ₹1.40 लाख पर बंद हुआ। इससे पहले यह ₹1.47 लाख के स्तर तक पहुंच चुका था। वहीं चांदी ने भी दिनभर भारी उतार-चढ़ाव देखा और ₹2.19 लाख प्रति किलो पर बंद हुई, जबकि पहले इसका भाव ₹2.32 लाख तक पहुंचा हुआ था।
40 साल में सबसे बड़ी गिरावट के पीछे क्या कारण हैं
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह गिरावट पिछले चार दशकों में सबसे बड़ी मानी जा रही है। इसके पीछे कई वैश्विक और आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव, खासकर अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। इसके अलावा, निवेशकों का जोखिम से बचना, बड़े निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली और अमेरिका में बढ़ती ब्याज दरों ने भी सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बनाया है।
कैश की ओर झुकाव, सुरक्षित निवेश की धारणा बदली
आमतौर पर युद्ध या संकट के समय सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार स्थिति उलट दिख रही है। निवेशक सोना और चांदी बेचकर नकदी जमा कर रहे हैं ताकि अनिश्चित हालात में उनके पास पर्याप्त लिक्विडिटी बनी रहे। इस ट्रेंड ने बाजार में सप्लाई बढ़ा दी, जिससे कीमतों में तेज गिरावट आई।









