प्लेट पर ‘पहरा’, दुनिया को ‘परोसा’: भारत बना बड़ा निर्यातक
भारत में गाय और गौमांस को लेकर भावनाएं, राजनीति और कानून—तीनों एक साथ चल रहे हैं। एक ओर कई राज्यों में बीफ पर सख्त प्रतिबंध है, तो दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत ‘बीफ’ (मुख्यतः भैंस के मांस) के बड़े निर्यातकों में गिना जाता है। यह विरोधाभास ही आज की सबसे बड़ी बहस है—क्या यह बीफ बैन की सियासत है या निर्यात की आर्थिक मजबूरी?
भारत का बीफ निर्यात: आंकड़ों की तस्वीर
विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार भारत 2024 में दुनिया के शीर्ष बीफ (काराबिफ/भैंस मांस) निर्यातकों में शामिल रहा।
2024 में अनुमानित निर्यात आय: 3.20 बिलियन डॉलर,
निर्यात बाजार: एशिया, मध्य-पूर्व, अफ्रीका सहित 80+ देश,
भारत की बड़ी कंपनियां वैश्विक स्तर पर सक्रिय,
यहां ध्यान देने योग्य बात यह है कि भारत में निर्यात होने वाला मांस मुख्यतः भैंस (Carabeef) का होता है, न कि गाय का।
घरेलू स्तर पर बीफ बैन और कानूनी विवाद
भारत के अधिकांश राज्यों में गौ-हत्या पर सख्त कानून हैं। कई राज्यों में बीफ रखने या व्यापार करने पर कठोर दंड, बीफ के संदेह में मॉब लिंचिंग की घटनाओं ने देशव्यापी बहस को जन्म दिया,







